कैग के ऑडिट दायरे में आएं एनजीओ - उपराष्ट्रपति: शिमला में राष्ट्रीय लेखा एवं लेखा परीक्षा अकादमी के डायमंड जुबली समारोह के अवसर पर उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी ने कहा है कि आरटीआई एक्ट के अधीन आने वाली सभी संस्थाओं, एनजीओ, सोसाइटी और ट्रस्ट को भी कैग के ऑडिट के दायरे में लाया जाना चाहिए। वर्तमान में 1971 एक्ट के तहत इन सभी संस्थाओं को कैग के ऑडिट के तहत लाए जाने का प्रावधान नहीं है। पब्लिक ऑडिट की प्रकिया में कई सुधार किए जाने की आवश्यकता अभी भी महसूस की जा रही है। - डॉ. अंसारी ने कहा कि ऑडिट प्रक्रिया में कई ऐसी खामियां हैं, जिन्हें दूर किया जाए तो जनता को सुशासन मुहैया कराया जा सकता है। अभी कैग के पास ऐसा अधिकार नहीं है, जिससे वह राजस्व को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को समन जारी करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके। कैग के अधीन ऐसी संवैधानिक बॉडी का गठन किया जाना चाहिए जिसके पास ऐसे अधिकार निहित... निजी कंपनी भी हो सकती है सूचना-अधिकार के दायरे में: निजी कंपनी भी हो सकती है सूचना-अधिकार के दायरे में, अगर - एनटीएडीसीएल सूचना-अधिकार के दायरे में : मद्रास उच्च न्यायालय - हाल ही में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप परियोजना से संबंधित एक महत्वपूर्ण फैसले में मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा न्यू तिरुपुर एरिया डिवेलपमट कार्पोरेशन लिमिटेड, (एनटीएडीसीएल) की याचिका खारिज कर दी गई है। कंपनी ने यह याचिका तमिलनाडु राज्य सूचना आयोग के उस आदेश के खिलाफ दायर की थी जिसमें आयोग ने कंपनी को मंथन अध्ययन केन्द्र द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध करवाने का आदेश दिया था। - एक हजार करोड़ की लागत वाली एनटीएडीसीएल देश की पहली ऐसी जलप्रदाय परियोजना थी जिसे प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत मार्च 2004 में प्रारंभ किया गया था। परियोजना में काफी सारे सार्वजनिक संसाधन लगे हैं जिनमें 50 करोड़ अंशपूजी, 25 करोड़ कर्ज, 50 करोड़ कर्ज भुगतान की गारंटी, 71 करोड़... फैसलों से जुड़े सवालों का जवाब देना मुश्किल: नई दिल्ली - सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि आरटीआई के मामलों को देख रहे उसके अधिकारियों से शीर्ष अदालत के फैसलों के बारे में पूछे गए सवालों के जवाब की उम्मीद नहीं की जा सकती ,क्योकि उनके पास सीमित संसाधन हैं। सुप्रीम कोर्ट के वकील देवदत्त कामत ने केन्द्रीय सूचना आयोग में सुनवाई के दौरान कहा कि जहां तक केन्द्रीय सार्वजनिक सूचना अधिकारी (सी.पी.आई.ओ) की बात है तो उनके लिए फैसलों पर कोई टिप्पणी कर पाना या इस बात की जानकारी देना बहुत मुश्किल होगा कि फैसले में ऐसा हुआ है या नहीं। यह काम वकील का है। कामत ने कहा कि सी.पी.आई.ओ के पास सीमित संसाधन और आधारभूत सुविधाएं है। - आरटीआई कानून के तहत रजिस्ट्री में जो उपलब्ध है, निश्चित रूप से वह देगा, लेकिन अगर इस अनुरोध को मान लिया गया तो हम कई परेशानियों में फंस जाएंगे। आरटीआई आवेदक सुभाष अग्रवाल ने आरटीआई कानून के तहत सुप्रीम कोर्ट से... जजों की पदोन्नति पर आपत्ति सम्बंधी सूचना देने मे आपत्ति: नई दिल्ली - सरकार ने उच्चतम न्यायालय अथवा उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश के पद पर प्रोन्नति के लिए भेजे गए उन जजों के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया है जिनके नाम पर राष्ट्रपति ने आपत्ति प्रकट की है। अब इस मामले पर केन्द्रीय सूचना आयोग को फैसला करना है। इस बारे में सूचना सामाजिक कार्यकर्ता एस.सी अग्रवाल ने सूचना का अधिकार अधिनियम (आर.टी.आई) के तहत मांगी थी। - प्राप्त जानकारी के अनुसार अग्रवाल के आवेदन पर केन्द्रीय जन सूचना अधिकारी ने कहा था कि मन्त्रालय के पास ऐसी कोई सूची नहीं है। यह आवेदन राष्ट्रपति सचिवालय के पास पहुंचा थाए जहां से इसे जवाब देने के लिए मन्त्रालय के पास भेज दिया गया था। आवेदन में पूछा गया था कि उच्चतम न्यायालय के लिए अथवा उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश पदों पर प्रोन्नति के लिए किन जजों का नाम कम से कम एक बारं लौटाया गया। -... SC to appeal before itself on RTI row: New Delhi - The Supreme Court would file an appeal before itself in the next few days challenging the judgement of Delhi High Court holding that the office of the Chief Justice of India came under the ambit of the RTI Act. - The appeal, though drafted more than a month ago, could not be brought on record before the registry due to a technical glitch but the same would be formalised after the court reopens on Monday after a week-long Holi recess, official sources told PTI. - The sources said that CJI K G Balakrishnan had consultations with other apex court judges on the issue and the grounds taken by it in the appeal are identical to the stand taken in the High Court that disclosure of information held by the CJI would hamper independence of judiciary. - source :... तीन माह बाद भी नहीं मिली जन सूचना अधिकार के तहत सूचना -मुख्य विकास अधिकारी से मांगी गई थी सूचना: सुलतानपुर14 फरवरी। 11 नवम्बर 2009 को राहत टाइम्स के जिला संबाददाता ने मनरेगा में हो रही गड़बड़ियो के तहत मुख्य विकास अधिकारी से जानकारी मांगी थी परन्तु तीन माह बीत जाने के बाद भी आज तक सूचनाएं नहीं मुहैया कराई गई। सूचनाओं के अन्तर्गत जो जानकारी मांगी गई थी उसमें जो सूचनाएं हैं उसमें - क्रमाक 1.पर मनरेगा का वार्षिक बजट का आबंटन योजना आरंभ से। - क्र0न.2 कान्टीजेन्सी में ग्राम पंचायतों में वितरित किए गये सामगि्रयों का विवरण- वित्तीयवर्षों के अनुक्रम में। - क्र0 न.3-वितरित किए सामग्रियो का भुगतान सम्बन्धी विवरण। - क्र0सं04-मनरेगा कानून के अन्तर्गत उपलब्ध नियुक्ति कर्मचारियों के मानदेय का मॉग, लिए गये कार्यका विवरण भुगतान का विवरण एवंसम्बन्धित नियमावली। - क्र0संभ् वर्तमान वित्तीय वर्ष 2009-10 में उपल्ब्ध धनराशि एवं ग्राम पंचायतों को धन राशि का आबटंन कानून के अनुसार समीक्षा...

निजी कंपनी भी हो सकती है सूचना-अधिकार के दायरे में

निजी कंपनी भी हो सकती है सूचना-अधिकार के दायरे में, अगर एनटीएडीसीएल सूचना-अधिकार के दायरे में : मद्रास उच्च न्यायालय हाल ही में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप परियोजना से संबंधित एक महत्वपूर्ण फैसले में मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा न्यू तिरुपुर एरिया डिवेलपमट कार्पोरेशन लिमिटेड, (एनटीएडीसीएल) की याचिका खारिज कर दी गई है। कंपनी ने [...]

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विजली विभाग मे हो रहा करोड़ों का घपला

02 July 2010

सुल्तानपुर - सूचना अधिकार अधिनियम की धारा 05 के अन्तर्गत बिजली विभाग ने करोड़ो के घपले का खुलासा करने की मांग की गई है, जिसमे विनय कुमार अधिशाशी अभियन्ता, एसडीओ आर0एस0 माथुर, अधिशाशी अभियन्ता के उपर आरोप लगाते हुए सूचना मांगी गई है कि 27 अप्रैल 06 को बुक नं0 038963, 21मार्च 2007 बुक नं0 [...] Read the full story

सूचना अधिकारी श्री अकील हैदर आज सेवानिवृत्त हुये

30 June 2010

लखनऊ - मुख्यमन्त्री कार्यालय से सम्बद्ध सूचना विभाग के सूचना अधिकारी श्री अक़ील हैदर आज सेवानिवृत्त हो गये हैं। विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारियों एवं समस्त सूचना अधिकारियों ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। श्री हैदर ने सूचना विभाग में 1977 में अपनी सेवा प्रारम्भ की थी। अपने 33 वर्षो के कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण दायित्वों [...] Read the full story

लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराए गए कामों की मांगी जानकारी जन सूचना अधिकार अधिनियम का किया प्रयोग

10 June 2010

चित्रकूट - जन सूचना अधिकार एक ऐसा हथियार है जिसका उपयोग कर सरकारी विभागों में अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा किया जा रहे घोटाले का खुलासा करके कोई भी इनके खिलाफ कार्रवाई करवा सकता है। इसी हथियार का प्रयोग करते हुए मजदूर सभा के महासचिव ने लघु सिंचाई विभाग से कई बिन्दुओं पर जानकारी मांगी है। मजदूर [...] Read the full story

केंद्रीय सूचना आयोग और मुख्य आयुक्त ने शक्तियों की सीमा लांघा - हाईकोर्ट

22 May 2010

नई दिल्ली - सूचना के कानून से जुड़े एक मामले में डीडीए उपाध्यक्ष के खिलाफ दिए आदेश पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने हदें पार की हैं। जस्टिस बदर दुरेज अहमद और जस्टिस वीना बीरबल की बेंच ने शुक्रवार को दिए एक अहम फैसले में कहा कि [...] Read the full story

भोजन का अधिकार कानून जल्द - सोनिया गांधी

19 May 2010

रायबरेली - यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को कहा कि देश के लोगों को जल्द ही भोजन का अधिकार कानून का तोहफा मिलेगा। तीन दिन की यात्रा पर अपने संसदीय क्षेत्र आई सोनिया सरैनी में उपडाकघर का उद्घाटन करने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने सूचना [...] Read the full story

कृपया बताएं : मन्दाकिनी सफाई के लिए कब और कितना पैसा मिला सरकार से

15 May 2010

चित्रकूट अभाविप जिलाध्यक्ष ने सूचना अधिकार के तहत मांगी सूचनाएं पौराणिक काल से ही जिले के लोगों को जीवन प्रदान करने वाली पवित्रा मन्दाकिनी को प्रदूषण मुक्त कर उसे वास्तविक स्वरूप में बनाए रखने के लिए अब लोग जागरूक होने लगे हैं। कुछ लोग इसकी साफ-सफाई में जुटे हुए है वहीं कुछ लोग अब [...] Read the full story

जन सूचना उपलब्ध कराये जाने की मांग

15 May 2010

सुलतानपुर - जन सूचना अधिकार अधिनियम के तहत सभासद अजहर जमाल उर्फ सोनू ने अपर जिलाधिकारी को शपथ पत्र के साथ चार बिन्दुओं पर सूचना उपलब्ध कराये जाने की मांग की है। सभासद श्री सोनू ने जन सूचना अधिकारी अपर जिलाधिकारी को दिये गये पा्रर्थना पत्र में चार प्रमूख बिन्दंओं पर जन सूचना उपलब्ध कराये [...] Read the full story

भारतीय प्रबंध संस्थानों के आर0टी0आई0 सम्बंधित वेबपृष्ठ कई स्थानों पर अपूर्ण

17 April 2010

लखनऊ- अमिताभ ठाकुर अध्यक्ष, नेशनल आर0टी0आई0 फोरम ने बताया है कि नेशनल आर0टी0आई0 फोरम द्वारा सभी भारतीय प्रबंध संस्थानों (आई0आई0एम0) के आर0टी0आई0 सम्बंधित वेबपृश्ठों को देखे जाने पर एक बात जो हर जगह अनुपस्थित मिली वह यह कि इनमें से किसी भी संस्थान द्वारा अपने यहॉ सहायक प्रोफेसर, एसोशियेट प्रोफेसर तथा प्रोफेसर पद से सम्बंधित [...] Read the full story

IIT Lucknow पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम दाखिले की प्रक्रिया में भारी फेरबदल

13 April 2010

लखनऊ।भारतीय प्रबंध संस्थान, लखनऊ द्वारा संस्थान के पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम दाखिले की प्रक्रिया में भारी फेरबदल की बात बतायी जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब साक्षात्कार तथा ग्रुप डिसकसन हेतु तैयार किये गये टीम के सदस्यों के नाम दूसरे सदस्य परस्पर नहीं जान सकेंगे। कहा जा रहा है कि ऐसा होने पर पूरी [...] Read the full story

सूचना के अधिकार को राष्ट्रहित में शस्त्र की तरह इस्तेमाल करें

12 April 2010

लखनऊ - सूचना आयोग अगर शिकायतकर्ता को तीस दिनों के अन्दर उसकी शिकायत पर सूचना नहीं देता है या उसको राहत देने में विफल रहता है तो सूचना का अधिकार का औचित्य ही समाप्त हो जाएगा। अगर सरकार इस अधिनियम के त्वरित क्रियान्वयन के प्रति गम्भीर है तो उसे निगरानी प्रणाली का [...] Read the full story

सूचना आयोग की डबल बेंच फिर से सुनवाई करेगी

29 March 2010

देहरादून - नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा सूचना आयोग का फैसला रद किए जाने के बाद बहुचर्चित पैसिफिक होटल नक्शा प्रकरण में अब नया मोड़ आ गया है। सूचना आयोग की डबल बेंच मामले की फिर से सुनवाई करेगी। फरवरी 09 में राज्य सूचना आयोग ने तय समयावधि में पैसिफिक होटल के नक्शे की प्रति न देने पर [...] Read the full story

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""काम की गारंटी है" हर गाव की गारंटी है"
                                         हर महिला पुरुष को दाम की गारंटी है""
महात्मा गाँधी राष्टीय गामीणरोजगार अधिनियम
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